मंडी में फसलों के भाव ने बदला खेल, तारामीरा और ईसबगोल में उतार-चढ़ाव

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मंडी में फसलों के भाव ने बदला खेल, तारामीरा और ईसबगोल में उतार-चढ़ाव

Last Updated:May 20, 2026, 10:49 IST

Nagaur Mandi News: राजस्थान की प्रमुख कृषि मंडियों नागौर और मेड़ता में आज तारामीरा और ईसबगोल के भाव में हलचल देखने को मिली. व्यापारियों के अनुसार ईसबगोल के दामों में हल्की तेजी दर्ज की गई, जबकि तारामीरा के भाव में उतार-चढ़ाव बना रहा. हालांकि अन्य प्रमुख फसलों जैसे जीरा, ग्वार, मूंग और चना के भाव स्थिर रहे, जिससे किसानों और व्यापारियों को राहत मिली. मंडियों में आवक सामान्य रहने के कारण बाजार में ज्यादा दबाव नहीं देखा गया. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मौसम और निर्यात मांग के आधार पर ईसबगोल और तारामीरा के भाव में और बदलाव संभव है.

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नागौर. नागौर जिला प्रदेश में कृषि उत्पादन के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है. यहां किसानों की सुविधा के लिए दो प्रमुख कृषि उपज मंडियां स्थापित की गई हैं. इनमें एक मंडी जिले के मुख्यालय नागौर में है, जबकि दूसरी बड़ी मंडी मेड़ता तहसील में संचालित होती है. खास बात यह है कि एक ही जिले में होने के बावजूद इन दोनों मंडियों में फसलों के दामों में बड़ा अंतर देखने को मिलता है. कहीं दाम बढ़े हुए हैं तो कहीं फसलें अपेक्षाकृत कम भाव पर बिक रही हैं. यही कारण है कि किसानों के सामने यह तय करना मुश्किल हो जाता है कि आखिर अपनी उपज किस मंडी में बेचना उनके लिए लाभकारी साबित होगा.

किसानों का कहना है कि जब दोनों मंडियों में फसलों के दाम अलग-अलग होते हैं तो भ्रम की स्थिति बन जाती है. यदि कोई मंडी पास होती है तो वहां भाव कम मिलते हैं और यदि दूर की मंडी में भाव अच्छे होते हैं तो वहां तक फसल ले जाने में अतिरिक्त किराया लग जाता है. ऐसे में अक्सर किसान का असली फायदा घटकर लगभग बराबरी पर आ जाता है. किसानों की मांग है कि जिला स्तर पर मंडियों के भावों में संतुलन लाने की व्यवस्था हो, ताकि उन्हें स्पष्ट लाभ मिल सके और उन्हें रोजाना दामों के उतार-चढ़ाव को लेकर असमंजस की स्थिति का सामना न करना पड़े. विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों मंडियों में अलग-अलग दाम बाजार की मांग, आपूर्ति और खरीदारों की संख्या पर निर्भर करते हैं. हालांकि, यदि किसी प्रकार से मंडियों में दरों का अंतर कम हो जाए तो किसानों को फसलों की बिक्री के समय अधिक सुविधा और स्थिर लाभ मिल सकेगा.

नागौर मंडी के हाल
मंडी व्यापारी लाल सिंह चौधरी ने बताया कि नागौर मंडी में इस सीजन मूंग, सौंफ और असालिया के भावों में मजबूती देखने को मिली, जबकि ज्वार और जीरे में मंदा रहा. मंडी में मूंग 8500 से 4000 रुपए प्रति क्विंटल, सौंफ 9000 से 7000 रुपए, इसबगोल 12300 से 11000 रुपए है. वहीं, ग्वार 5000 से 4800 रुपए, मैथी 5100 से 4800 रुपए और तारामीरा 5050 से 4000 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है. वहीं, दूसरी ओर ज्वार की कीमतें 4800 से 3000 रुपए प्रति क्विंटल तक ही सिमट गईं है. चना 4950 से 4500 रुपए, जबकि सरसों 6200 से 5600 रुपए प्रति क्विंटल रही.

मेड़ता मंडी के ताजा भाव
मेड़ता मंडी में स्थिति कुछ अलग है. यहां सुवा, जीरा और तारामीरा में मजबूती है, जबकि पिछले दिनों ग्वार और असालिया में गिरावट आई थी. इसके बाद इसके भाव स्थिर है. मेड़ता में मूंग 8200 से 5000 रुपए, चना 5100 से 4400 रुपए, सुवा 8500 से 7500 रुपए, सौंफ 8400 से 6000 रुपए और जीरा 22500 से 18000 रुपए प्रति क्विंटल है. वहीं ईसबगोल 12300 से 10500 रुपए, असालिया 5900 से 5300 रुपए और तारामीरा 4950 से 4000 रुपए प्रति क्विंटल के बीच कारोबार करता दिखा.

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Jagriti Dubey

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Nagaur,Rajasthan

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