Last Updated:May 20, 2026, 11:06 IST
Lucknow Metro : लखनऊ मेट्रो का नया फेज पुराने शहर को जोड़ने के लिए बनाया जाएगा. चारबाग से केजीएमयू के रास्ते पुराने लखनऊ तक 11 किलोमीटर का फेज शुरू किया जाएगा. इस रूट पर कुल 12 मेट्रो स्टेशन बनाए जाने की तैयारी है, जिसका मकसद घनी आबादी को जाम से मुक्ति दिलाना होगा.
लखनऊ के पुराने शहर को नए शहर से जोड़ने के लिए मेट्रो का विस्तार किया जाएगा.
नई दिल्ली. यूपी सरकार सिर्फ एक्सप्रेसवे ही नहीं, यात्रा के अन्य साधनों को विकसित करने पर भी जोर दे रही है. इस कड़ी में लखनऊ मेट्रो के विस्तार से जुड़ा फैसला हजारों लोगों की जिंदगी आसान बनाने वाला होगा. यूपी सरकार ने तय किया है कि लखनऊ मेट्रो का विस्तार करते हुए पुराने शहर को जाम से पूरी तरह मुक्त कर दिया जाए. इसके लिए चारबाग रेलवे स्टेशन से करीब 11 किलोमीटर का नया फेज बनाया जाएगा. इस रूट की घनी बस्ती को देखते हुए महज 11 किलोमीटर के भीतर ही 12 मेट्रो स्टेशन बनाए जाने की तैयारी है. सरकार ने साफ कहा है कि लखनऊ के चारबाग को दिल्ली के राजीव चौक की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जो मेट्रो का सबसे बड़ा इंटरचेंज होगा.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली कैबिनेट ने ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर यानी फेज-1B को पुराने लखनऊ तक विकसित करने पर मंथन शुरू कर दिया है. यह लखनऊ मेट्रो का अब तक का सबसे अहम फेज होगा, क्योंकि नया रास्ता शहर के सबसे ज्यादा घनी आबादी और जाम वाले रूट से गुजरेगा. यही वजह है कि इस फेज को लखनऊ मेट्रो का गेम चेंजर माना जा रहा है. पुराने शहर को चारबाग व अन्य इलाकों से जोड़ने के लिए विकसित होने वाले इस फेज की लंबाई 11 किलोमीटर से थोड़ी ज्यादा होगी, लेकिन जनसंख्या के लिहाज से यह सबसे ज्यादा लोगों को सुविधा पहुंचाने वाला रूट साबित होगा.
11 किलोमीटर में बनेंगे 12 स्टेशन
पश्चिमी छोर को पूर्वी इलाके से जोड़ने के लिए बनने वाले इस मेट्रो रूट की अहमियत का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि महज 11 किलोमीटर की लंबाई वाले इस रूट पर कुल 12 स्टेशन बनाए जाने की तैयारी है. रूट पर घनी बस्ती को देखते हुए 7 मेट्रो स्टेशन तो अंडरग्राउंड बनाए जाएंगे, जबकि 5 स्टेशन को एलिवेटेड बनाया जाएगा. इसका मतलब है कि इस रूट का एक भी स्टेशन जमीन पर नहीं बनने वाला, क्योंकि आसपास घनी बस्ती होने की वजह से जगह की तंगी रहेगी. यह रूट पुराने और नए लखनऊ को जोड़ने का काम करेगा, जिससे घनी आबादी वाली जगहों पर ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिल जाएगी.
कहां-कहां बनेंगे मेट्रो स्टेशन
पुराने लखनऊ के लिए बनने वाले इस रूट पर घनी आबादी को देखते हुए 60 फीसदी हिस्सा अंडरग्राउंड ही बनाया जाएगा. इस रूट के जरिये लखनऊ की ऐतिहासिक इमारतों और आबादी वाले इलाकों को नुकसान पहुंचाए बिना ही सफर को आसान बनाने की तैयारी है. इसका रूट चारबाग स्टेशन से शुरू होगा और वसंतकुंज तक जाएगा. इस रास्ते पर चारबाग, बांसमंडी (गौतम बुद्ध मार्ग), अमीनाबाद, पांडेयगंज, लखनऊ सिटी रेलवे स्टेशन, केजीएमयू मेडिकल कॉलेज चौराहे से नवाजुद्दीन हैदर रोड़, ठाकुर गंज, बाला गंज, सरफराज गंज, मूसाबाग और वसंतकुंज में स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव है.
कौन से स्टेशन होंगे अंडग्राउंड और एलिवेटेड
- अंडरग्राउंड एलिवेटेड
- गौतमबुद्ध मार्ग ठाकुरगंज
- अमीनाबाद बालागंज
- पांडेयगंज सरफराजगंज
- सिटी रेलवे स्टेशन मूसाबाग
- केजीएमयू चौराहा वसंतकुंज
- नवाजुद्दीन हैदर रोड
मेडिकल कॉलेज जाने वालों को फायदा
लखनऊ मेट्रो ने चारबाग को शहर का सबसे बड़ा इंटरचेंज बनाने की कवायद भी शुरू कर दी है. इसे दिल्ली के राजीव चौक की तर्ज पर विकसित किया जाएगा. मेट्रो के नए रूट का सबसे ज्यादा फायदा मेडिकल कॉलेज जाने वालों को मिलेगा, क्योंकि अब उन्हें ट्रैफिक जाम से जूझना नहीं पड़ेगा. यह रूट केजीएमयू, बलरामपुर अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर को सीधे तौर पर जोड़ेगा, जिससे मेडिकल कॉलेज जाने वालों को लाभ होगा.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
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