मोदी, पुतिन और जिनपिंग; जब भारत में मिलेंगे 3 यार, दुनिया देखेगी दिल्ली की धमक
Last Updated:May 20, 2026, 11:30 IST
BRICS Summit News: भारत और चीन के रिश्ते अब सुधरने लगे हैं. शी जिनपिंग ब्रिक्स समिट में भारत आ सकते हैं. अगर ऐसा होता है तो यह रिश्तों में नया मोड़ होगा. इतना ही नहीं, पुतिन भी भारत में होंगे. ब्रिक्स के मंच पर जब पीएम मोदी, शी जिनपिंग और पुतिन की तिकड़ी एक साथ होगी, तो दुनिया को आसानी से नए गठजोड़ का मैसेज पता चल जाएगा.
ब्रिक्स समिट दिल्ली, मोदी पुतिन शी जिनपिंग की तिकड़ी से नया संदेश
BRICS Summit News: दुनिया बहुत जल्द दिल्ली की धमक देखने वाली है. भारत में ब्रिक्स के मंच से नया वर्ल्ड ऑर्डर दिखेगा. पश्चिम एशिया तनाव के बीच एक ही मंच पर दुनिया की सबसे मजबूत तिकड़ी दिखेगी. जी हां, हम बात कर रहे हैं पीएम मोदी, व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग की. सितंबर महीने में ब्रिक्स समिट होने वाली है. यह ब्रिक्स समिट नई दिल्ली में होगी. इस ब्रिक्स समिट में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी व्लादिमीर पुतिन के शामिल होने की संभावना है. अगर ऐसा होता है तो फिर दुनिया को ब्रिक्स के मंच से नया मैसेज जाएगा. ब्रिक्स के मंच से एक नया गठजोड़ आकार लेगा.
रूसी राष्ट्रपति पुतिन का भारत दौरा कन्फर्म है. खुद रूसी साइड ने भी इसकी घोषणा कि है कि पुतिन सितंबर में ब्रिक्स समिट में शामिल होंगे. अब तक शी जिनपिंग को लेकर कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं है. हालांकि, इंडियन एक्सप्रेस का दावा है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी ब्रिक्स समिट में शामिल होंगे. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स (BRICS) नेताओं के शिखर सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं.
शी जिनपिंग आएंगे भारत!
सूत्रों की मानें तो रूस और चीन की ओर से नई दिल्ली को सूचित किया गया है कि उनके नेता इस सम्मेलन में आने की संभावना है. रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, रूसी अधिकारियों ने व्लादिमीर पुतिन की ब्रिक्स समिट में उपस्थिति की पुष्टि की है. वह 31 अगस्त और 1 सितंबर को किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में भी शामिल होंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी SCO सम्मेलन में शामिल होने की संभावना है.
क्यों अहम है जिनपिंग का भारत दौरा
अगर शी जिनपिंग ब्रिक्स समिट में आते हैं तो यह बड़ी खबर होगी. दुनिया के लिए भी एक मैसेज होगा. अमेरिका के कान खड़े हो जाएंगे. वैसे भी डोनाल्ड ट्रंप ब्रिक्स से बहुत जलते हैं. वह ब्रिक्स को मजबूत होता नहीं देखना चाहते. वह ब्रिक्स की ताकत से डरते हैं. वह ब्रिक्स को लेकर काफी जहर उगल चुके हैं. ऐसे में अगर ब्रिक्स के मंच से पीएम मोदी, शी जिनपिंग और पुतिन की तिकड़ी दिखती है तो पूरी दुनिया में खलबली मचेगी.
अब सुधरने लगे रिश्ते
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सूत्रों की मानें तो रूस और चीन की ओर से नई दिल्ली को सूचित किया गया है कि उनके नेता इस सम्मेलन में आने की संभावना है. रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, रूसी अधिकारियों ने व्लादिमीर पुतिन की ब्रिक्स समिट में उपस्थिति की पुष्टि की है. वह 31 अगस्त और 1 सितंबर को किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में भी शामिल होंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी SCO सम्मेलन में शामिल होने की संभावना है.
क्यों अहम है जिनपिंग का भारत दौरा
अगर शी जिनपिंग ब्रिक्स समिट में आते हैं तो यह बड़ी खबर होगी. दुनिया के लिए भी एक मैसेज होगा. अमेरिका के कान खड़े हो जाएंगे. वैसे भी डोनाल्ड ट्रंप ब्रिक्स से बहुत जलते हैं. वह ब्रिक्स को मजबूत होता नहीं देखना चाहते. वह ब्रिक्स की ताकत से डरते हैं. वह ब्रिक्स को लेकर काफी जहर उगल चुके हैं. ऐसे में अगर ब्रिक्स के मंच से पीएम मोदी, शी जिनपिंग और पुतिन की तिकड़ी दिखती है तो पूरी दुनिया में खलबली मचेगी.
अब सुधरने लगे रिश्ते
वैसे भी चीन और भारत के जिस तरह से रिश्ते उठा-पटक वाले रहे हैं, ऐसे में शी जिनपिंग का ब्रिक्स समिट में शामिल होना, बड़ी बात होगी. सबसे अधिक चर्चा जिनपिंग के भारत दौरे की ही होगी. शी जिनपिंग का अक्टूबर 2019 के बाद भारत का पहला दौरा होगा. 2019 में जब वह भारत आए थे, तब वह चेन्नई के पास मामल्लापुरम में पीएम मोदी से मिले थे.
हालांकि, भारत और चीन के बीच रिश्ते अप्रैल-मई 2020 में सीमा पर गतिरोध शुरू होने के बाद बिगड़ गए थे. गलवान संघर्ष ने दोनों देशों के बीच दूरी और बढ़ा दी. हालांकि, संबंधों को स्थिर करने की प्रक्रिया अक्टूबर 2024 में रूस के कजान में आयोजित ब्रिक्स समिट के दौरान हुई थी. तब पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात हुई थी. उसी समय दोनों पक्षों ने पूर्वी लद्दाख में एलएसी यानी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सैनिकों की वापसी पूरी करने का फैसला किया था.
भारत-चीन रिश्तों में सुधार
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