LIVE: दिल्ली में बंद रहे मेडिकल स्टोर, अस्पतालों के पास की दुकानें खुलीं

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LIVE: दिल्ली में बंद रहे मेडिकल स्टोर, अस्पतालों के पास की दुकानें खुलीं

Last Updated:May 20, 2026, 11:26 IST

Medical Store Strike LIVE: देशभर में आज AIOCD के आह्वान पर मेडिकल स्टोर और केमिस्ट दुकानों की हड़ताल का असर दिखाई दे रहा है. संगठन ई-फार्मेसी और इंस्टेंट मेडिसिन डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ सख्त नियमों की मां…और पढ़ें

मेडिकल स्टोर बंद, दिल्ली-NCR में ट्रांसपोर्ट यूनियनों की 3 दिन की स्ट्राइक. (फोटो AI)

Chemist Strike Live: देशभर में आज दवा की दुकानों के बाहर ताला लगा रहेगा. ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने 20 मई को पूरे देश में हड़ताल का ऐलान किया है. संगठन का दावा है कि देशभर में लाखों मेडिकल स्टोर इस बंद में शामिल हो सकते हैं. दिल्ली से लेकर मुंबई, कोलकाता, पटना और जयपुर तक दवा बाजारों में इसका असर दिखाई देने लगा है. केमिस्ट संगठनों का आरोप है कि ई-फार्मेसी और इंस्टेंट मेडिसिन डिलीवरी ऐप्स बिना स्पष्ट नियमों के काम कर रहे हैं. इससे छोटे मेडिकल स्टोरों का कारोबार प्रभावित हो रहा है. वहीं दूसरी तरफ दिल्ली-NCR में ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने भी 21 से 23 मई तक हड़ताल का ऐलान कर दिया है. यानी आने वाले दिनों में दवाओं की सप्लाई से लेकर सामान ढुलाई और टैक्सी सेवाओं तक पर असर पड़ सकता है. देशभर के केमिस्टों की हड़ताल के बीच दिल्ली के कई निजी इलाकों में मेडिकल स्टोर बंद रहे, हालांकि अस्पतालों के आसपास की दवा दुकानें खुली नजर आईं. RML अस्पताल के पास एक दुकानदार जोशी ने बताया कि अगर अस्पताल क्षेत्र में भी दुकानें बंद कर दी जाएं तो मरीजों और उनके परिजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा.

AIOCD का कहना है कि यह सिर्फ व्यापार बचाने की लड़ाई नहीं है, बल्कि दवा सुरक्षा और मरीजों की सुरक्षा का मुद्दा भी है. संगठन का आरोप है कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना सही प्रिस्क्रिप्शन जांच के दवाइयां बेच रहे हैं. वहीं दिल्ली-NCR के ट्रांसपोर्ट यूनियन बढ़े हुए पर्यावरण सेस, महंगे ईंधन और ऐप बेस्ड कंपनियों की कथित मनमानी के खिलाफ सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं. AIMTC के मुताबिक 68 से ज्यादा ट्रांसपोर्ट संगठन इस आंदोलन में शामिल होंगे. ऐसे में राजधानी और आसपास के इलाकों में बस, टैक्सी, ट्रक और कमर्शियल वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है. पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी ने ड्राइवर यूनियनों का गुस्सा और बढ़ा दिया है.

आज की बड़ी हड़तालें: दवा दुकानें बंद, ट्रांसपोर्ट भी ठप होने की तैयारी

  • देशभर में केमिस्ट संगठनों का विरोध मुख्य रूप से GSR 220(E) और GSR 817(E) नोटिफिकेशन को लेकर है. संगठन का कहना है कि इन नियमों की वजह से ई-फार्मेसी कंपनियां “कानूनी धुंधले क्षेत्र” में काम कर रही हैं. वहीं दिल्ली-NCR में ट्रांसपोर्ट यूनियन पर्यावरण सेस बढ़ाने और BS-IV वाहनों पर प्रस्तावित प्रतिबंध के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं.
  • AIOCD महासचिव राजीव सिंघल ने कहा कि ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियां गलत या फर्जी प्रिस्क्रिप्शन पर भी दवाइयां दे रही हैं. संगठन की मांग है कि ई-फार्मेसी पर भी वही सख्त नियम लागू हों, जो पारंपरिक मेडिकल स्टोर्स पर लागू होते हैं. उन्होंने बताया कि संगठन ने इस मुद्दे पर पहले ही सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजा था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
  • दिल्ली में करीब 15 हजार और देशभर में लाखों मेडिकल स्टोरों पर असर पड़ सकता है. हालांकि कुछ राज्यों में जरूरी सेवाओं के तहत चुनिंदा मेडिकल दुकानें खुली रह सकती हैं. कई जगह मरीजों और उनके परिजनों को दवाइयों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. खासकर बुजुर्ग और नियमित दवाइयों पर निर्भर मरीजों की चिंता बढ़ गई है.

ई-फार्मेसी को लेकर क्या है विवाद?

AIOCD का आरोप है कि कोविड काल में लागू किए गए अस्थायी नियमों का इस्तेमाल अब बड़ी ई-फार्मेसी कंपनियां स्थायी कारोबार मॉडल के रूप में कर रही हैं. संगठन का कहना है कि GSR 220(E) महामारी के समय होम डिलीवरी के लिए लाया गया था, लेकिन अब इसका गलत इस्तेमाल हो रहा है. वहीं GSR 817(E) का ड्राफ्ट आज तक पूरी तरह लागू नहीं हुआ, जिससे नियमों को लेकर भ्रम बना हुआ है.

दिल्ली-NCR में ट्रांसपोर्ट हड़ताल का असर

21 से 23 मई तक दिल्ली-NCR में ट्रांसपोर्ट यूनियनों की हड़ताल का असर दिख सकता है. AIMTC ने कहा है कि बढ़े हुए पर्यावरण सेस और BS-IV वाहनों पर प्रस्तावित रोक से ट्रांसपोर्ट कारोबार प्रभावित होगा. यूनियनों का आरोप है कि सरकार ने सभी दिल्ली आने वाले वाहनों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है, जबकि कार्रवाई सिर्फ ट्रांजिट वाहनों पर होनी चाहिए थी.

Ola-Uber-Rapido पर भी ड्राइवरों का गुस्सा

ड्राइवर यूनियनों ने Ola, Uber और Rapido जैसी कंपनियों पर ‘आर्थिक शोषण’ का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि पिछले 15 साल से किराया नहीं बढ़ा, जबकि CNG, पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ती गईं. यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द किराया संशोधित नहीं किया गया, तो आंदोलन और बड़ा हो सकता है.

Chemist Strike News LIVE: ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में हड़ताल, अस्पतालों के पास खुलीं मेडिकल दुकानें

मेडिकल स्टोर हड़ताल लाइव: ऑनलाइन फार्मेसी सेवाओं के विरोध में देशभर के केमिस्टों की हड़ताल के बीच दिल्ली के कई निजी इलाकों में मेडिकल स्टोर बंद रहे, हालांकि अस्पतालों के आसपास की दवा दुकानें खुली नजर आईं. RML अस्पताल के पास एक दुकानदार जोशी ने बताया कि अगर अस्पताल क्षेत्र में भी दुकानें बंद कर दी जाएं तो मरीजों और उनके परिजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि अस्पताल के नजदीक होने की वजह से दुकान खोलनी पड़ रही है. दुकानदारों का आरोप है कि ऑनलाइन फार्मेसी के जरिए एक्सपायर और खराब दवाएं भी बेची जा रही हैं, जिसके विरोध में यह हड़ताल की जा रही है.

Medical Store Strike News LIVE: ई-फार्मेसी नियमों के विरोध में देशभर के केमिस्ट आज 24 घंटे की हड़ताल पर

Chemist Strike News LIVE: देशभर के केमिस्ट ई-फार्मेसी नियमों के विरोध में 24 घंटे की राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहेंगे. केमिस्ट संगठन के महासचिव प्रभाकर कुमार ने बताया कि यह विरोध 20 अगस्त 2018 को जारी GSR 817E समेत ऑनलाइन दवा बिक्री से जुड़े नियमों के खिलाफ किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि रिटेल मेडिकल स्टोर सख्त प्रिस्क्रिप्शन सिस्टम के तहत काम करते हैं और एंटीबायोटिक्स, नशीली दवाओं व अबॉर्शन किट जैसी नियंत्रित दवाओं का पूरा रिकॉर्ड रखना पड़ता है. संगठन का आरोप है कि ई-फार्मेसी के जरिए ऐसी दवाओं तक ऑनलाइन पहुंच आसान हो रही है और फर्जी प्रिस्क्रिप्शन के इस्तेमाल का खतरा भी बढ़ रहा है.

Transport Strike Live: दिल्ली-NCR में ट्रांसपोर्ट स्ट्राइक से सड़कें प्रभावित

Transport Strike Live Updates: दिल्ली-एनसीआर में आज से शुरू हुई ट्रांसपोर्ट यूनियनों की तीन दिवसीय हड़ताल का असर धीरे-धीरे दिखने लगा है. AIMTC और कई ड्राइवर संगठनों ने व्यावसायिक वाहनों के संचालन को सीमित कर दिया है. ट्रक, टैक्सी, प्राइवेट बस और मैक्सी कैब यूनियनों ने दिल्ली सरकार के बढ़े हुए पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क का विरोध किया है. कई इलाकों में माल ढुलाई धीमी पड़ गई है. ट्रांसपोर्ट यूनियनों का कहना है कि सरकार ने दिल्ली आने वाले सभी कमर्शियल वाहनों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है. यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा.

Chemist strike Live: दवा दुकानों की हड़ताल से मरीज परेशान, कई शहरों में लंबी लाइनें

Chemist strike Live Updates: देशभर में आज दवा दुकानों की हड़ताल का असर जमीन पर दिखाई देने लगा है. दिल्ली, मुंबई, जयपुर, पटना, लखनऊ और भोपाल समेत कई बड़े शहरों में मरीज सुबह से मेडिकल स्टोर के बाहर भटकते नजर आए. AIOCD के आह्वान पर हजारों केमिस्ट दुकानों ने शटर डाउन रखा है. कई जगह सिर्फ इमरजेंसी मेडिकल स्टोर खुले हैं, जहां लंबी कतारें लग गईं. सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्ग मरीजों और रोज दवा लेने वाले लोगों को हो रही है. अस्पतालों के बाहर मौजूद मेडिकल दुकानों पर भी भीड़ बढ़ गई है. संगठन का दावा है कि ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों को बिना सख्त नियमों के छूट मिलने से छोटे दुकानदारों का कारोबार खत्म हो रहा है.

Ola-Uber Strike Live News: पेट्रोल-डीजल महंगा, Ola-Uber ड्राइवरों का फूटा गुस्सा

Ola-Uber Strike Live News: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने दिल्ली-एनसीआर के टैक्सी और ऑटो चालकों का गुस्सा बढ़ा दिया है. चालकों का आरोप है कि पिछले 15 सालों से किराया लगभग स्थिर है, जबकि CNG, पेट्रोल और डीजल लगातार महंगे हो रहे हैं. ड्राइवर यूनियनों ने Ola, Uber और Rapido जैसी कंपनियों पर ‘आर्थिक शोषण’ का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि ऐप कंपनियां भारी कमीशन ले रही हैं और ड्राइवरों की कमाई लगातार घट रही है. यूनियन ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर अगले कुछ दिनों में किराया संशोधित नहीं किया गया तो दिल्ली सचिवालय के बाहर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा.

Chemist strike Live: ई-फार्मेसी नियमों पर सरकार घिरी, AIOCD ने बढ़ाया दबाव

Chemist strike Live Updates: AIOCD ने सरकार पर आरोप लगाया है कि ई-फार्मेसी कंपनियां ‘कानूनी धुंधले क्षेत्र’ का फायदा उठा रही हैं. संगठन का कहना है कि GSR 220(E) और GSR 817(E) जैसे नोटिफिकेशन की वजह से ऑनलाइन दवा बिक्री बिना स्पष्ट जवाबदेही के चल रही है. केमिस्ट संगठनों का दावा है कि कई ऐप फर्जी प्रिस्क्रिप्शन पर भी दवाइयां उपलब्ध करा रहे हैं. वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि इस पूरे मामले की समीक्षा चल रही है. AIOCD ने प्रधानमंत्री कार्यालय को भी पत्र भेजकर छोटे मेडिकल स्टोर बचाने की मांग उठाई है.

Chemist strike Live: अगले 48 घंटे अहम, सरकार और यूनियनों के बीच बातचीत संभव

Chemist strike Live Updates: दवा व्यापारियों और ट्रांसपोर्ट यूनियनों के विरोध के बीच अब सबकी नजर सरकार की अगली रणनीति पर है. सूत्रों के मुताबिक, केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों ही पक्षों से बातचीत का रास्ता तलाश रही हैं. अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई चेन, दवा उपलब्धता और पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर बड़ा असर पड़ सकता है. ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने साफ कहा है कि पर्यावरण शुल्क वृद्धि और BS-IV वाहनों पर प्रस्तावित प्रतिबंध वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन लंबा खिंच सकता है. वहीं, केमिस्ट संगठन भी ई-फार्मेसी के लिए सख्त कानून बनने तक दबाव बनाए रखने के मूड में हैं.

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